AANA HAI TOH AA RAH MEIN LYRICS 1957

AANA HAI TOH AA RAH MEIN
GOLDEN LYRICS IN HINDI 1957

❛ आना है तो आ राह में…❜

ADLID आना है तो आ राह में कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है अन्धेर नहीं है

आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आऽऽ आ आ आऽऽऽ… ||ध्रु.||

जब तुझसे ना सुलझें तेरे उलझे हुए धन्धे (२)
भगवान के इन्साफ़ पे सब छोड़ दे बन्दे
ख़ुद ही तेरी मुश्किल को वो आसान करेगा (२)
जो तू नहीं कर पाया वो भगवान करेगा (२)
भगवान करेगा
आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आऽऽ आ आ आऽऽऽ… ||१||

कहने की ज़रूरत नहीं, आना ही बहुत है (२)
इस दर पे तेरा सिर, झुकाना ही बहुत है
जो कुछ है तेरे दिल में वो सब उसको ख़बर है (२)
बन्दे तेरे हर हाल पे मालिक की नज़र है (२)
मालिक की नज़र है
आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आऽऽ आ आ आऽऽऽ… ||२||

बिन माँगे भी मिलती हैं यहाँ मन की मुरादें (२)
दिल साफ़ हो जिनका वो यहाँ आ के सदा दें
मिलता है जहाँ न्याय, वो दरबार यही है (२)
संसार की सबसे बड़ी, सरकार यही है (२)
सरकार यही है
आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आऽऽ आ आ आऽऽऽ… ||३||

फ़िल्म:- नया दौर (१९५७)
गीतकार:- साहिर लुधियानवी
संगीतकार:- ओ. पी. नैय्यर
गायक:- मोहम्मद रफ़ी

 

❛ आना है तो आ राह में…❜

ADLID आना है तो आ राह में कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है अन्धेर नहीं है

आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आऽऽ आ आ आऽऽऽ… ||ध्रु.||

 

जब तुझसे ना सुलझें तेरे उलझे हुए धन्धे (२)
भगवान के इन्साफ़ पे सब छोड़ दे बन्दे
ख़ुद ही तेरी मुश्किल को वो आसान करेगा (२)
जो तू नहीं कर पाया वो भगवान करेगा (२)
भगवान करेगा
आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आऽऽ आ आ आऽऽऽ… ||१||

कहने की ज़रूरत नहीं, आना ही बहुत है (२)
इस दर पे तेरा सिर, झुकाना ही बहुत है
जो कुछ है तेरे दिल में वो सब उसको ख़बर है (२)
बन्दे तेरे हर हाल पे मालिक की नज़र है (२)
मालिक की नज़र है
आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आऽऽ आ आ आऽऽऽ… ||२||

 

बिन माँगे भी मिलती हैं यहाँ मन की मुरादें (२)
दिल साफ़ हो जिनका वो यहाँ आ के सदा दें
मिलता है जहाँ न्याय, वो दरबार यही है (२)
संसार की सबसे बड़ी, सरकार यही है (२)
सरकार यही है
आना है तो आ राह में, कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है
आना है तो आऽऽ आ आ आऽऽऽ… ||३||

 

फ़िल्म:- नया दौर (१९५७)
गीतकार:- साहिर लुधियानवी
संगीतकार:- ओ. पी. नैय्यर
गायक:- मोहम्मद रफ़ी

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