Category: अध्यात्म

अपराजिता स्तोत्र

अपराजित स्तोत्र ॐ नमोऽपराजितायै ॐ अस्या वैष्णव्याः पराया अजिताया महाविद्यायाः वामदेवबृहस्पतिमार्कण्डेया ऋषयः। गायत्र्युष्णिगनुष्टुब्बृहती छन्दांसि। लक्ष्मीनृसिंहो देवता। ॐ क्लीं श्रीं ह्रीं बीजम्। हुं शक्तिः। सकलकामनासिद्धयर्थं अपराजितविद्यामन्त्रेपाठे विनियोगः। ॐ निलोत्पलदलश्यामां भुजङ्गाभरणान्विताम्। शुद्धस्फटिकसङ्काशां …

जिन खोजा तिन पाइया

जिन खोजा तिन पाइया जिन खोजा तिन पाइया, गहरे पानी पैठ। मैं बपुरा बूडन डरा, रहा किनारे बैठ।। कबीर दासजी कहते हैं कि जो हमेशा प्रयास करते रहते हैं …

श्री रमण महर्षि

श्री रमण महर्षि RAMANA MAHARSHI ईश्वर के प्रत्यक्ष दर्शन करनेवाले सन्त भारत से अंग्रेज़ तो चले गये पर अपने पीछे ऐसे लोगों को छोड़ गये, जो ग़रीब, पिछड़ी हुई …

योगी अरविंद घोष

योगी अरविंद घोष का जन्म १५ अगस्त १८७२ को कोलकाता में हुआ। उनके पिता का नाम कृष्णधन घोष, जो पेशे से डॉक्टर थे और माता का नाम स्वर्णलता देवी …

शंख के फ़ायदे

शंख के फ़ायदे सनातन धर्म में शंख का विशेष महत्त्व है। प्रायः पूजा-पाठ, आरती, राज्यभिषेक आदि प्रसंग पर शंखनाद किया जाता है। यह‍ाँ तक कि युद्ध की घोषणा की …

कबीर की उल्टवासियाँ

कबीर की उल्टवासियाँ इस लेख में कबीरसाहेब की उल्टवासियाँ कही गयी हैं, जो समझ जाने पर सीधी हैं। साँझ पड़ी दिन ढल गया, बाघिन घेरी गाय। गाय बिचारी न …

चातुर्मास का महत्त्व

चातुर्मास का महत्त्व (१० जुलाई से ४ नवम्बर २०२२ तक) ‘स्कन्द पुराण’ के ब्रह्मखण्ड के अन्तर्गत ‘चतुर्मास माहात्म्य’ में आता है, सूर्य के कर्क राशि पर स्थित रहते हुए …

अहंकार को अंग

अहंकार को अंग (कबीर के दोहे) अहंकार का वास्तव में कोई अस्तित्व नहीं है, किन्तु सारे संसार के हर मनुष्य को इसने निगल रखा है। छोटे-से-छोटे और बड़े-से-बड़े व्यक्ति …

अब पछिताय होत क्या चिड़िया चुग गयी खेत

अब पछिताय होत क्या चिड़िया चुग गयी खेत आछे दिन पाछे गये, हरि से किया न हेत। अब पछिताय होत क्या, चिड़िया चुग गयी खेत।। यह दोहा आपने भले …

आद्य शंकराचार्य की आयु कैसे बढ़ी?

आद्य शंकराचार्य की आयु कैसे बढ़ी? श्रीमद् आद्य शंकराचार्य उच्चकोटि के ब्रह्मनिष्ठ सन्त थे। एक दिन वे उत्तरकाशी में अपने शिष्यों को ‘ब्रह्मसूत्र-भाष्य’ (शारीरिक सूत्र भाष्य) पढ़ा रहे थे। …