Category: अध्यात्म

नशे से सावधान

नशे से सावधान व्यसन कैसा भी हो पतनकारी होता है। भांग, तम्बाखू, अफ़ीम, शराब, चिलम ये सब व्यसन के प्रकार हैं। इन सबसे हमें यथा सम्भव बचने का प्रयास …

जीवदानी चालीसा

जीवदानी चालीसा भारत देश के महाराष्ट्र राज्य में ठाणे-ज़िला के विरार शहर में एक पहाड़ी की छोर पर जीवदानी माता का मन्दिर स्थित है। माँ जीवदानी के नाम ही …

गीता माहात्म्य

गीता माहात्म्य श्रीमद्भगवद्गीता के इस माहात्म्य का उल्लेख श्रीवाराहपुराण के अन्तर्गत है। धरतीमाता के पूछने पर भगवान् श्रीहरि ने गीता के यह माहात्म्य कहा है, जिसे श्रीसूतजी बता रहे …

Durga Saptashati Chapter-2

Durga Saptashati Chapter-2 पोस्ट के अन्त में PDF उपलब्ध है। श्रीदुर्गासप्तशती द्वितीयोऽध्यायः विनियोगः ❑➧ॐ मध्यमचरित्रस्य विष्णुर्ऋषिः, महालक्ष्मीर्देवता, उष्णिक् छन्दः, शाकम्भरी शक्तिः, दुर्गा बीजम्, वायुस्तत्त्वम्, यजुर्वेदः स्वरूपम्, श्रीमहालक्ष्मीप्रीत्यर्थं मध्यमचरित्रजपे विनियोगः। …

Durga Saptashati Chapter-1

Durga Saptashati Chapter-1 पोस्ट के अन्त में PDF उपलब्ध है। ।।श्री दुर्गायै नमः।। श्रीदुर्गासप्तशती प्रथमोऽध्यायः विनियोगः ❑➧ॐ प्रथमचरित्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, महाकाली देवता, गायत्री छन्दः, नन्दा शक्तिः, रक्तदन्तिका बीजम्, अग्निस्तत्त्वम्, …

नवार्ण मंत्र क्या है?

नवार्ण मंत्र क्या है? नवार्ण का अर्थ होता है, नौ वर्ण अर्थात् नौ अक्षर। नवार्ण मन्त्र का अर्थ हुआ नौ वर्णों (अक्षरों) वाला मन्त्र। जो इस प्रकार है ।।ऐं …

बिल्वाष्टकम्

शिवपूजा में बेलपत्र का विशेष महत्त्व है। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पण करते समय बिल्वाष्टकम् स्तोत्र का पठन करने से मन अहोभाव से भर जाता है। लिंगाष्टकम् की तरह यह …

अथर्वशीर्ष क्या है?

अथर्वशीर्ष का अर्थ होता है, अथर्ववेद का शिरोभाग। वेद के चार भाग है, १)संहिता, २)ब्राह्मण, ३)आरण्यक तथा ४)उपनिषद्। जिन्हें श्रुति कहा जाता है। पाँच अथर्वशीर्ष हैं─ गणपत्यथर्वशीर्षम्, शिवाथर्वशीर्षम्, देव्यथर्वशीर्षम्, …