Category: कबीर के दोहे

नशे से सावधान

नशे से सावधान व्यसन कैसा भी हो पतनकारी होता है। भांग, तम्बाखू, अफ़ीम, शराब, चिलम ये सब व्यसन के प्रकार हैं। इन सबसे हमें यथा सम्भव बचने का प्रयास …

कबीर के दोहे गुरु को अंग

गुरु को कीजै दण्डवत, कोटि कोटि परनाम। कीट न जाने भृंग को, गुरु करें आप समान।।१।। ❑अर्थ➠ गुरु को दण्डवत होकर करोड़ों बार प्रणाम कीजिये; क्योंकि जिस प्रकार कीड़ा …