Ek but banaunga lyrics 1962

EK BUT BANAUNGA
GOLDEN LYRICS IN HINDI 1962

❛ इक बुत बनाऊँगा…❜

इक बुत बनाऊँगा, तेरा और पूजा करूँगा (३)
अरे मर जाऊँगा प्यार, अगर मैं दूजा करूँगा (२)
इक बुत बनाऊँगा, तेरा और पूजा करूँगा (२)
अरे मर जाऊँगा प्यार, अगर मैं दूजा करूँगा

[ रूप की चाँदी, प्यार का सोना, प्रेमनगर से ला के
तेरी सुन्दर छबी बनेगी, दोनों चीज़ मिला के ] (२)
रंग वफ़ा का मैं तेरी, मूरत में भरूँगा
अरे मर जाऊँगा प्यार, अगर मैं दूजा करूँगा (२)

[ मन-मन्दिर तुझको बिठा के, रोज़ करूँगा बातें
शाम-सवेरे हर मौसम में, होंगी मुलाक़ातें ] (२)
दिल का हाल कहूँगा तुझसे, मैं ना डरूँगा
अरे मर जाऊँगा प्यार, अगर मैं दूजा करूँगा (२)

[ दुनिया एक अजायबख़ाना, लेकिन फिर भी फ़ानी
इस धरती पर अमर रहेगी, मेरी प्रेम कहानी ] (२)
चाहे कितने रूप में आऊँ, तेरा रहूँगा
अरे मर जाऊँगा प्यार, अगर मैं दूजा करूँगा (२)
इक बुत बनाऊँगा, तेरा और पूजा करूँगा (२)
अरे मर जाऊँगा प्यार, अगर मैं दूजा करूँगा (२)

फ़िल्म:- असली नक़ली (१९६२)
गीतकार:- हसरत जयपुरी
संगीतकार:- शंकर जयकिशन
गायक:- मोहम्मद रफ़ी

शब्दार्थ> फ़ानी:- नश्वर, जो नष्ट हो जाये 

How to search:- गुगल पर गीत के बोल टाइप करें, उसके बाद golden lyrics या lyrics golden टाइप करें। हर गीत का PDF अन्त में उपलब्ध है।

❛ इक बुत बनाऊँगा…❜

[ इक बुत बनाऊँगा,
तेरा और पूजा करूँगा ] (३)
[ अरे मर जाऊँगा प्यार,
अगर मैं दूजा करूँगा ] (२)
[ इक बुत बनाऊँगा,
तेरा और पूजा करूँगा ] (२)
अरे मर जाऊँगा प्यार,
अगर मैं दूजा करूँगा…||ध्रु.||

[ रूप की चाँदी, प्यार का सोना,
प्रेमनगर से ला के
तेरी सुन्दर छबी बनेगी,
दोनों चीज़ मिला के ] (२)
रंग वफ़ा का मैं तेरी,
मूरत में भरूँगा
[ अरे मर जाऊँगा प्यार,
अगर मैं दूजा करूँगा ] (२)…||१||

[ मन-मन्दिर तुझको बिठा के,
रोज़ करूँगा बातें
शाम-सवेरे हर मौसम में,
होंगी मुलाक़ातें ] (२)
दिल का हाल कहूँगा तुझसे,
मैं ना डरूँगा
[ अरे मर जाऊँगा प्यार,
अगर मैं दूजा करूँगा ] (२)

[ दुनिया एक अजायबख़ाना,
लेकिन फिर भी फ़ानी
इस धरती पर अमर रहेगी,
मेरी प्रेम कहानी ] (२)
चाहे कितने रूप में आऊँ,
तेरा रहूँगा
[ अरे मर जाऊँगा प्यार,
अगर मैं दूजा करूँगा ] (२)
[ इक बुत बनाऊँगा,
तेरा और पूजा करूँगा ] (२)
[ अरे मर जाऊँगा प्यार,
अगर मैं दूजा करूँगा ] (२)…||३||

फ़िल्म:- असली नक़ली (१९६२)
गीतकार:- हसरत जयपुरी
संगीतकार:- शंकर जयकिशन
गायक:- मोहम्मद रफ़ी

PDF इक बुत बनाऊँगा.असली नक़ली (१९६२)

 

Leave a Reply