Ek haseen sham ko lyrics 1966

EK HASEEN SHAAM KO
GOLDEN LYRICS IN HINDI 1966

❛ इक हसीं शाम को…❜

हुँम् हुँम् हुँम् हुँमऽऽऽ हुँम् हुँम् हुँमऽऽऽ
हुँम् हुँम् हुँमऽऽऽ हुँम् हुँम् हुँम् हुँम् हुँमऽऽऽ
इक हसीं, शाम को, दिल मेरा, खो गया (२)
पहले अपना, हुआ करता था,
अब किसी का हो गया
इक हसीं, शाम को, दिल मेरा, खो गया…||ध्रु.||

मुद्दतों से, आरज़ू थी, ज़िन्दगी में, कोई आये
सूनी-सूनी, ज़िन्दगी में, कोई शमा, झिलमिलाये
वो जो आये, तो रौशन, ज़माना हो गया
इक हसीं, शाम को, दिल मेरा, खो गया…||१||

मेरे दिल के, कारवाँ को, ले चला है, आज कोई
शबनमी-सी, जिसकी आँखें, थोड़ी जागी, थोड़ी सोई
उनको देखा, तो मौसम, सुहाना हो गया
इक हसीं, शाम को, दिल मेरा, खो गया (२)
पहले अपना, हुआ करता था,
अब किसी का हो गया
इक हसीं, शाम को, दिल मेरा, खो गया…||२||

फ़िल्म:- दुल्हन एक रात की (१९६६)
गीतकार:- राजा मेहँदी अली ख़ान
संगीतकार:- मदन मोहन
गायक:- मोहम्मद रफ़ी

How to search:- गुगल पर गीत के बोल टाइप करें, उसके बाद golden lyrics या lyrics golden टाइप करें। हर गीत का PDF अन्त में उपलब्ध है।

❛ इक हसीं शाम को…❜

हुँम् हुँम् हुँम् हुँमऽऽऽ
हुँम् हुँम् हुँमऽऽऽ
हुँम् हुँम् हुँमऽऽऽ
हुँम् हुँम् हुँम् हुँम् हुँमऽऽऽ

[ इक हसीं, शाम को,
दिल मेरा, खो गया ] (२)
पहले अपना, हुआ करता था,
अब किसी का हो गया
इक हसीं, शाम को,
दिल मेरा, खो गया…||ध्रु.||

मुद्दतों से, आरज़ू थी,
ज़िन्दगी में, कोई आये
सूनी-सूनी, ज़िन्दगी में,
कोई शमा, झिलमिलाये
वो जो आये तो रौशन,
ज़माना हो गया
इक हसीं, शाम को,
दिल मेरा, खो गया…||१||

मेरे दिल के, कारवाँ को,
ले चला है, आज कोई
शबनमी-सी, जिसकी आँखें,
थोड़ी जागी, थोड़ी सोई
उनको देखा तो मौसम,
सुहाना हो गया
[ इक हसीं, शाम को,
दिल मेरा, खो गया ] (२)
पहले अपना, हुआ करता था,
अब किसी का हो गया
इक हसीं, शाम को,
दिल मेरा, खो गया…||२||

फ़िल्म:- दुल्हन एक रात की (१९६६)
गीतकार:- राजा मेहँदी अली ख़ान
संगीतकार:- मदन मोहन
गायक:- मोहम्मद रफ़ी

PDF इक हसीं शाम को दिल मेरा.एक रात की दुल्हन (१९६६)

Leave a Reply